महज़ कोरोना पीड़ित होने के शक में 19 साल की बेटी और मां को बस से नीचे फेंका, मौत

New Delhi :क्या कोई इंसान इतना बेरहम हो सकता है कि कोरोना के महज शक में किसी को चलती बस से नीचे फेंक दे। इससे भी ज्यादा अमानवीय और गैर संवेदनशील पुलिस-प्रशासन के वो अफसर हैं जो इस घटना पर कोई कार्रवाई नहीं करते। इस घटना पर लोगों ने तब ध्यान दिया जब महिला आयोग ने संज्ञान लेकर अफसरों को लताड़ लगायी। महिला आयोग ने इस घटना के दोषियों को गिरफ्तार करने के आदेश दिये हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक कोरोना मरीज होने के शक में एक 19 साल की युवती को यूपी रोडवेज की बस से फेंक दिया। युवती की 30 मिनट बाद ही मौत हो गई। मृतका की पहचान अंशिका यादव के रूप में हुई जो अपनी मां के साथ बस से सफर कर रही थी। बस में बैठे दूसरे यात्रियों को युवती में कोरोना के लक्षण दिख रहे थे। इसके बाद बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे खींचकर यमुना एक्सप्रेस वे पर फेंक दिया।

दिल्ली महिला आयोग ने उत्तर प्रदेश पुलिस को मामले में कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने को कहा। इसके बाद जांच के निर्देश दिए गए। परिवार ने बताया कि उन्होंने पहले मथुरा पुलिस से शिकायत की थी लेकिन मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई और इसे प्राकृतिक मौत करार दिया गया।

मथुरा SSP गौरव ग्रोवर ने कहा कि पीड़िता की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण कार्डिएक अरेस्ट बताया गया। उन्होंने कहा, ‘मैंने एसपी (ग्रामीण) श्रीष चंद्र को मामला देखने को कहा है।’ युवती का भाई विपिन यादव दिल्ली में काम करता है। उसने बताया, ‘ड्राइवर और कंडक्टर ने मेरी बहन के ऊपर कंबल फेंक दिया क्योंकि वह उसे छूना नहीं चाहते थे। इसके बाद उसे उसकी सीट से खींचकर लाए।’ विपिन ने बताया ‘उस दिन काफी गर्मी थी इसलिए वह थोड़ा बेहाल थी। मेरी मां ने काफी गुहार लगाई लेकिन किसी ने नहीं सुना और न ही किसी ने मदद की।’ विपिन ने बताया, ‘मेरी बहन का स्वास्थ्य ठीक था और उसे कोई बीमारी नहीं थी। उसे कुछ समय पहले किडनी में पथरी थी, उसका भी इलाज पूरा हो चुका था।

15 जून को मां-बेटी ने नोएडा से बस पकड़ी थी। बस से खींच कर फेंके जाने के 30 मिनट बाद की युवती की मौत हो गई। ऐंबुलेंस के जरिए युवती का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया गया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘युवती का कोरोना टेस्ट नहीं किया गया क्योंकि मथुरा में मृत व्यक्ति के कोरोना टेस्ट का प्रावधान नहीं है।’

दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन स्वाति मालिवाल ने मथुरा एसएसपी को नोटिस जारी कर मामले की विस्तृत जानकारी मांगी। साथ ही केस की एफआईआर कॉपी या एफआईआर दर्ज न होने के कारण की कॉपी मांगी। स्वाति मालिवाल ने अपने लेटर में लिखा, ‘यह मामला काफी गंभीर है।’ उन्होंने ट्वीट किया कि इस इस जघन्य हत्या के अपराधियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *