न्यूजीलैंड की मस्जिद पर हमला कर 51 लोगों की ली जान, हत्यारे को मिली उम्रकैद की सजा

न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में दो मस्जिदों के बाहर फायरिंग करने वाले हत्यारे ब्रेंटन टैरंट को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है साथ ही कोर्ट ने ये भी कहा की इस बीच आरोपी ब्रेंटन टैरंट को पैरोल भी नहीं मिलेगा। ब्रेंटन टैरंट जो एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है। कोर्ट ने इस मामले में टैरंट को 51 लोगों की हत्या का आरोपी माना और सजा सुनाते हुए जज ने कहा कि यह अमानवीय और शैतानीपूर्ण कृत्य है। हत्यारा ब्रेंटन टैरेंट ने इस घटना को फेसबुक लाइव करके मस्जिद पर हमला किया था और 51 लोगों की जान लिया था।

इस घटना के कुल 91 लोग गवाह थे और उन्होंने अपने लोगों को गंवाने को लेकर अदालत में बेहद ही मार्मिक बयान दिया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार इस शख्स ( ब्रेंटन टैरंट ) के कारण उनके अपनों को उनकी नजरों के सामने ही जुदा होना पड़ा।

दरअसल ये मामला पिछले साल ( मार्च 2019 ) को ब्रेंटन टैरेंट ने क्राइस्टचर्च के दो अलग अलग मस्जिद अल-नूर और लिनवुड मस्जिद पर हमला किया था। ये हमला उस समय किया गया जब लोग मस्जिद में नमाज पढ़ रहे थे। ब्रेंटन टैरेंट ने मस्जिद घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थी। इस बड़े हमले से 51 लोगों की मौत हुई थी जिसमे 8 भारतीय भी शामिल थे साथ ही कई लोग घायल भी हुए थे। कोर्ट में जब फैसला सुनाया जा रहा था उस वक़्त ब्रेंटन टैरेंट ने सजा का विरोध नहीं किया। टैरेंट के चुप्पी पर कई लोग चकित रह गए।

जस्टिस कैमरन मंडेर ने कहा कि आप घृणा से प्रेरित इंसान हैं। हर एक हत्या के बारे में पीछे जाकर सोचना भी दुखदाई है। आप ने अपने द्वारा किए गए नरसंहार की कोई माफी नहीं मांगी। तुमने एक तीन साल के मासूम की भी हत्या की, जो अपने पिता की टांगों से चिपका हुआ था। जस्टिस मंडेर के बयान के बाद सार्वजनिक गैलरी में मौजूद कुछ पीड़ित रोने लगे।

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