7th Pay Commission Latest Update: केंद्रीय पेंशनर्स को सुविधा, सरकार ने किया Pension नियम में बदलाव, होगा यह लाभ

7th Pay Commission Latest Update: केंद्र सरकार के पेंशन भोगियों के जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने में पोस्टमैन मददगार बनेंगे। पेंशनभोगी के घर जाकर पोस्टमैन उसका प्रमाण पत्र लेंगे और उसे आनलाइन जमा कराएंगे। हालांकि इस सेवा के लिए संबंधित पेंशनर को एक निश्चित शुल्क चुकाना होगा। यह सेवा देश भर में केंद्र सरकार के सभी पेंशनभोगियों को उपलब्ध कराई जाएगी। केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनभोगियों के लिए खुशखबरी है। अब देश भर के केंद्रीय पेंशनर्स घर बैठे लाइफ सर्टिफिकेट प्राप्‍त कर सकेंगे। इस काम में डाक विभाग सहयोग करेगा। पोस्‍टमैन इन पेंशनर्स के घर जाकर प्रमाण-पत्र लेकर उसे ऑनलाइन जमा भी कराएंगे। बढ़ते कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच यह सुविधा लाखों पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय DoPT की ओर से जारी बयान के अनुसार डाक विभाग Post Office के द इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (IPPB) India Post Payment Bank और इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना विभाग ने पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग की पहल पर यह अभियान शुरू किया है। जीवित प्रमाण पत्र आनलाइन जमा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में जीवन प्रमाण पोर्टल लांच किया था। तबसे पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग इस तकनीक को लोगों के लिए सुविधाजनक बनाने में जुटा है। कोरोना महामारी को देखते हुए बुजुर्ग पेंशनभोगियों के लिए यह राहतभरी खबर है। वे घर में रहते हुए अपना यह काम करा सकेंगे।

अब नए Pension नियमों के बाद यह होगा

वर्तमान में देश में केंद्र सरकार के पेंशनधारकों की संख्या 65.26 लाख है। नए निर्देशों के बाद अब बैंकों को उनकी वेबसाइट पर अपलोड करने और बैंकों की शाखाओं में नोटिस बोर्ड पर लगाने का निर्देश दिया गया है। पेंशन वितरण करने वाले बैंक Aadhar पर आधारित डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट ‘जीवन प्रमाण’ को एक्‍सेप्‍ट करेंगे। इसके अलावा नए नियमों के मुताबिक 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र वाले पेंशनर प्रति वर्ष जीवन प्रमाण-पत्र जमा करा सकते हैं। नियमों के अनुसार हर पेंशनर या फैमिली पेंशनर को हर साल नवंबर में जीवन प्रमाण पत्र देना होता है।

क्‍या है पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, केन्‍द्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 के अंतर्गत शामिल केन्‍द्र सरकार के कार्मिकों की पेंशन एवं सेवानिवृति लाभों से संबंधित नीतियां तैयार करने के लिए नोडल विभाग है। केन्‍द्र सरकार के पेंशनभोगियों/ कुटुंब पेंशनभोगियों के लिए पेंशन संबंधी नीति तैयार करने के अलावा यह विभाग पेंशनभोगियों के कल्‍याण को बढ़ावा देने के लिए भी तत्‍पर रहता है और पेंशनभोगियों की शिकायतों का निपटारा करने वाले मंच के रूप में कार्य करता है।

दायरे में इतने संगठन

रेलवे और रक्षा मंत्रालय की स्‍वयं की स्‍वतंत्र प्रशासनिक संरचना होने के कारण वहां के पेंशनभोगियों पर उनके संबंधित पेंशन नियम प्रभावित होते हैं। उन लोगों की पेंशन संबंधी मामलों की देखरेख नई पेंशन योजना के तहत वित्त मंत्रालय (वित्तीय सेवा विभाग) द्वारा की जा रही है जिन्‍होंने दिनांक 1.1.2004 को या इसके बाद केन्द्र सरकार में कार्यभार ग्रहण किया है।कर्मचारी भविष्‍य निधि और अन्‍य प्रावधान अधिनियम 1950 से संलग्न अनुसूची में सूचीबद्ध उद्योगों / अन्य प्रतिष्ठान के वर्ग से संबंधित प्रतिष्ठानों में काम कर रहे कर्मचारी, श्रम मंत्रालय द्वारा प्रशासित कर्मचारी भविष्‍य निधि योजना के अंतर्गत आते हैं।

सेना के अधिकारियों के लिए यह काम की खबर है। यह उनकी रिटायरमेंट की उम्र और पेंशन से जुड़ी है। असल में, सरकार अब सेना के अधिकारियों के रिटायरमेंट की आयु सीमा बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इस प्रस्‍ताव के साथ पेंशन में कटौती के भी प्रस्‍ताव पर विचार चल रहा है। डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स (डीएमए) की ओर से आरंभ किए गए सुधारों के चलते समय से पहले ही रिटायरमेंट लेने पर पेंशन राशि में कटौती का भी प्रस्ताव किया गया है। सेवा काल पूरा होने के समय से पहले रिटायरमेंट लेने पर पेंशन में कटौती का भी प्रस्ताव सामने लाया गया है। इसके बाद अब कर्नल और उसके समकक्ष अधिकारी 57 साल की उम्र तक काम कर सकेंगे। चर्चा हो जाने के बाद इन प्रस्तावों को जल्द से जल्द लागू करने की योजना भी है।

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार जो प्रस्‍ताव पेश किए गए हैं उनमें सेना के कनर्ल और एयरफोर्स एवं नेवी में इनके समकक्ष अफसरों की आयु सीमा का जिक्र किया गया है। इनकी रिटायरमेंट की उम्र 54 साल से बढ़ाई जाकर 57 साल तक किए जाने की बात को प्रस्‍ताव में शामिल किया गया है। इसी प्रकार ब्रिगेडियर एवं इनके समकक्ष अफसरों की आयु 56 वर्ष से बढ़ाकर 58 साल करने की एवं मेजर जनरल एवं इनके समकक्ष अफसरों की आयु सीमा 58 से बढ़ाकर 59 साल तक किए जाने का प्रस्‍ताव रखा गया है। लॉजिस्टिक, टेक्निकल और मेडिकल कोर में जूनियर कमिशंड ऑफिसर (JCO) और जवानों की रियाटरमेंट की आयु 57 साल करने का प्रस्ताव किया गया है। इसमें थल सेना की इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (EME), आर्मी सर्विस कोर (ASC) और (आर्मी ऑर्डिनेंस कोर) AOC इकाइयां भी शामिल होंगी। जिन समकक्ष अधिकारियों की सेवानिवृत्त आयु में कोई बदलाव नहीं किया गया है, उसमें लेफ्टिनेंट जनरल रैंक को लाया गया है। यह पहले की तरह ही 60 साल ही बनी रहेगी। वर्तमान में डीएमए CDS चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल बिपिन रावत के नेतृत्व में काम करता है।

 

यह होगा पेंशन में कटौती का आधार

– 20 से 25 वर्ष की सेवा में 50 फीसदी पेंशन

– 26 से 30 वर्ष की सेवा में 60 प्रतिशत

– 31 से 35 वर्ष की सेवा में 75 प्रतिशत पेंशन

– 35 वर्ष से अधिक की सेवा में पूरी पेंशन प्रदान की जाएगी।

– युद्ध में घायल या मेडिकल कारणों के चलते लिए गए रिटायरमेंट पर पेंशन में कोई कटौती लागू नहीं की जाएगी।

इन अधिकारियों के रिटायरमेंट की उम्र में होना है बदलाव

– ब्रिगेडियर और इनके समकक्ष अधिकारियों की उम्र 56 साल से बढ़ाकर 58 साल होगी

– मेजर जनरल और इनके समकक्ष अधिकारियों की उम्र 58 से बढ़ाकर 59 साल करने का प्रस्ताव

– लेफ्टिनेंट जनरल रैंक और इनके समकक्ष अधिकारियों की सेवानिवृत्त आयु में कोई बदलाव नहीं

– लॉजिस्टिक, टेक्निकल और मेडिकल कोर में जेसीओ और जवानों की रियाटरमेंट की उम्र 57 साल होगी

 

पेंशन में कटौती का भी प्रस्‍ताव

सेना में अधिकारियों को बनाए रखने के लिए समय से पहले रिटायरमेंट पर पेंशन में कटौती का प्रस्ताव किया गया है। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि शीर्ष पदों पर कम वेकेंसी होने की वजह से कई अधिकारी सेना छोड़ देते हैं। कई स्पेशलिस्ट अन्‍य सेक्टर में काम करने के लिए नौकरी छोड़ देते हैं। इससे सेना में अच्छे अधिकारियों की कमी हो जाती है, जो उसके लिए बेहतर नहीं है। प्रस्ताव में कहा गया है कि 20 से 25 साल की सर्विंस में 50 फीसदी पेंशन, 26 से 30 साल की सर्विंस में 60 प्रतिशत, 31 से 35 साल की सर्विंस में 75 प्रतिशत और 35 साल से ज्यादा की सर्विंस में पूरी पेंशन दी जाएगी।

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