ओवैसी के बयान पर अखाड़ा परिषद का वार- अब काशी और मथुरा को मुक्त कराने की बारी है

लखनऊ :अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर राम मंदिर के शिलान्यास को लेकर AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर साधु संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने दिया करारा जवाब किया है, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा है कि ओवैसी को यह समझना चाहिए कि पाकिस्तान मुस्लिम बहुसंख्यक होने के नाते अगर मुस्लिम राष्ट्र हो सकता है, तो भारत हिन्दू बहुसंख्यक होने के बाद भी हिन्दू राष्ट्र क्यों नहीं हो सकता है?

‘वास्तव में भारत हिंदू राष्ट्र ही है, जहां सभी धर्मों का पूरा सम्मान है’: महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा कि वास्तव में भारत हिन्दू राष्ट्र ही है, लेकिन यहां पर सभी धर्मों का पूरा सम्मान है। उन्होंने कहा है कि दूसरे धर्मों को मानने वालों का भी हम सनातनी लिहाज़ करते हैं, उन्हें गले लगाते हैं और उनके प्रति श्रद्धा भी रखते हैं, अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने कहा है कि लेकिन जब कोई हमारे धर्म को ललकारता है और बुरा भला कहता है तो हम उसका डटकर मुकाबला करने को भी हमेशा तैयार रहते हैं।

हिन्दुओं ने सैकड़ों सालों तक प्रतिक्षा किया : महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण संविधान के दायरे में रहकर SP के निर्णय के आधार पर ही हो रहा है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अदालत का निर्णय आने एवं राम मंदिर बनाने के लिए गठित ट्रस्ट के बुलावे पर ही अयोध्या जाकर राम मंदिर का भूमि पूजन और शिलान्यास किया है, मंदिर निर्माण के लिए हिन्दुओं ने सैकड़ों वर्षों तक प्रतिक्षा किया और कोर्ट के निर्णय का भी इंतजार किया है।

हर वर्ष पांच अगस्त को भगवान श्रीराम की स्वतंत्र दिवस के रूप में मनाएंगे : उन्होंने आगे कहा कि संत-महात्माओं के लिए पांच अगस्त का दिन शुभ दिन है, जिस तरह से भारत में 15 Aug को स्वतन्त्रता दिवस एवं 26 Jan को गणतन्त्र दिवस का पर्व मनाया जाता है, उसी तरह से साधु-संत अब हर वर्ष पांच अगस्त को भगवान श्रीराम की आजादी के दिवस के रूप में मनाएंगे, अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा कि अयोध्या राम जन्म भूमि की लड़ाई अब अंत हो गई है, अब काशी एवं मथुरा को मुक्त कराने की बारी है, उन्होंने कहा कि काशी एवं मथुरा हिन्दुओं के लिए धब्बा है, जिसे अब साफ़ करना आवश्यक है, महंत नरेन्द्र गिरी ने साधु संतों से गुजारिश की है कि शांतिप्रिय तरीके से आन्दोलन चलाकर और कोर्ट से कानूनी लड़ाई लड़कर ही काशी और मथुरा को भी अयोध्या की तरह मुक्त कराएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *