बड़ी खबर: सत्तरघाट के बाद अब सारण प्रमुख बांध टूटा, सैंकड़ों गांव बाढ़ के खतरे में

गोपालगंज: राज्य में भारी वर्षा से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। राज्य में कुछ दिन पहले ही सत्तरघाट पुल पानी के साथ बह गया था और अब गोपालगंज में गंडक नदी पर बनेसारण मुख्य तटबंध दो जगहों पर टूट गया है। सत्तरघाट पुल और इस पुल का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। जिस वशिष्टा कंपनी सत्तरघाट पुल बनाई इसी ने ही इस का निर्माण किया था।

इसके ध्वस्त होने के बाद चंपारण तिरहुत और सारण के कई जिलों का कनेक्शन टूट गया है। इस पुल पर आवा जाहि पूर्ण रूप से बाधित है। सारण मुख्य तटबंध टूटने से पहले बरौली के सिकटिया गांव के समीप रिंग बांध टूट गया। जिससे 40 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। इसके कारण गंडक नदी का तेज बहाव एनएच-28 की तरफ तेज़ी से बढ़ रहा है। जितने भी गांव के लोग बांध के किनारे बसे हैं उनसब को जिला प्रशासन की तरफ से अलर्ट करने का कार्य किया जा रहा है।

बांध के टूट जाने से NH 28 पर बड़े गाड़ियों का आवा जाहि बंद हो गया है। इस बांड को टूटने के वजह से बरौली, मांझागढ़, सिधवलिया और बैकुंठपुर प्रखंड के सबसे अधिक प्रभावित होने की संभावना है। सब से बड़ी बात ये है की करीब 5 सौ से 600 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। सूबे में प्रतिदिन भारी वर्षा, जिस कारण नदियों के जलस्तर बढ़ रहे हैं इसकी वजह से 5 लाख लोगों का जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। सूबे के करीब10 जिलों की हालात नाजुक हो गई है। सूबे की सभी जिलों और उसमे 245 पंचायतों में बर्बादी का मंजर देखा जा सकता है।

गंडक में लगभग 4 लाख क्यूसेक पानी का बहाव के कारण यह बांध टूटा। बांध टूटते ही लोग अपने साथ अपने मवेशियों को लेकर ऊंचे ऊंचे जगहों की ओर रुख कर लिए। भारी बारिश ओर दूसरी तरफ पानी के तेज बहाव के कारण दोगुनी मुश्किलें पैदा हो गयी हैं।

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