घर के बाहर सात घंटे तक पड़ी रही कोरोना मरीज का शव

New Delhi ; कोरोना महामारी को लेकर हर तरफ हड़कंप मचा हुआ है। माहौल यह है कि Lockdown के बावजूद कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इस बीच वेस्ट बंगाल से कोविड-19 को लेकर ऐसा केस सामने आया है, जिसने हाहाकार मच गया है। बताया जा रहा है कि हावड़ा में एक घर के बाहर 7 घंटे तक कोरोना मरीज की शव पड़ी रही, लेकिन उसे ले जाने वाला कोई नहीं था।

दरअसल, हावड़ा में एक 54 वर्षीय महिला की कोविड-19 से मृत्यु हो गई है। लेकिन, सोसाइटी वाले शव को अंदर नहीं लाने दिए। इतना ही नहीं मृतक के परिवार वाले भी 7 घंटे तक डेड बॉडी के साथ घर के बाहर बैठे रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिस स्थान पर यह घटना घटी है वह कंटनमेंट जोन में आता है। बताया जा रहा है कि महिला का जाँच सत्यबाला आईडी अस्पताल में हुआ था। महिला के बेटे घनश्याम साऊ ने बताया कि गुुरुवार से ही उनकी मां की तबीयत खराब था। सर्दी, खांसी की शिकायत थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। लेकिन, जाँच के बाद शुक्रवार को डॉक्टर्स ने दवा देकर घर भेज दिया। लेकिन, तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ और रविवार को महिला की तबीयत अधिक बिगड़ गई।

उन्होंने बताया कि सोमवार की सुबह फिर महिला को अस्पताल ले जाया गया। लेकिन, डॉक्टर्स ने उन्हें मारा हुआ बताया। तब तक उनका कोविड-19 भी आ गया था और वह पॉजिटिव थीं। शव को लेकर जब घर लौटे तो सोसायटी वालों ने अंदर नहीं आने दिया। मामले की जानकारी हावड़ा म्युनिसिपल कॉरपोरेशन को दी गई। लेकिन, वहां से भी कोई नहीं आया। रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग 7 घंटे तक शव घर के बाहर पड़ी रही। इसके बाद पूर्व काउंसर कैलाश मिश्रा पहुंचे और उन्होने हावड़ा म्युनिसिपल कारपोरेशन को जानकारी दी। तब जाकर एक समूह वहां पहुंची। इसके बाद कोविड-19 का दाह संस्कार किया गया। वहीं, हावड़ा म्युनिसिपल कारपोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की कमी के वजह से इस तरह की परेशानी हुई। लेकिन, सवाल ये है कि अगर इस तरह से मरीज घर के बाहर, सड़कों पर पड़े रहेंगे तो इस महामारी के फैलने का खतरा और बढ़ जाएगा।

 

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