भारत में नवंबर तक आ जाएगा कोरोना का रूसी टीका, RDIF ने डॉ रेड्डीज से किया करार

डॉ. रेड्डीज लैब ने भारत में कोरोना वायरस (Corona vaccine) का 10 करोड़ टीका बेचने के लिए रूसी निर्माता रशियन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट फंड (RDIF) से समझौता किया है. भारत में नवंबर तक यह टीका आ सकता है. इसकी खबर के आने के बाद डॉ. रेड्डीज का शेयर बीएसई पर 181 रुपये की मजबूती के साथ 4624.45 पर पहुंच गया है। खबरों की मानें तो रूस का सॉवरेन वेल्थ फंड आरडीआईएफ भारत की डॉ. रेड्डीज (Dr Reddy’s) को 10 करोड़ डोज़ बेचेगा। इसके लिए भारत के ओर से सभी रेग्युलेटरी मंजूरी मिल गई है।

आरडीआईएफ के सीईओ ने कहा, ‘रूस की आरडीआईएफ भारत में स्पूतनिक-5 टीके के क्लीनिकल परीक्षण और वितरण के लिए डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज के साथ मिलकर काम करेगी।’ उन्होंने कहा, ‘स्पूतनिक-5 टीके के क्लीनिकल परीक्षण के लिए सभी आवश्यक शर्तें पूरी हों यह सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नियामकों के साथ बातचीत कर रहे हैं।’

बता दें कि पिछले महीने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कोरोनावायरस के इलाज के लिए दुनिया के पहले पंजीकृत वैक्सीन की घोषणा की, जिसका नाम मॉस्को द्वारा 1957 में लॉन्च किए गए अंतरिक्ष सैटेलाइट स्पूतनिक वी के नाम पर है। वैक्सीन को गामालेया साइंटिफिक रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी द्वारा बनाया गया है।

यह मॉस्को के पास स्थित एक चिकित्सा संस्थान है। वैक्सीन की तरफ सफलता मिलने के बाद स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने कहा था कि रूस अपने नागरिकों को वैक्सीन लगाने के बाद अन्य देशों को वैक्सीन की पेशकश करेगा।

भारत में होगा फेज 3 का परीक्षण

डॉ. रेड्डीज के एमडी जीवी प्रसाद का कहना है कि इस टीके का फेज 1 और फेज 2 का परीक्षण सफल रहा है और अब भारत में हम इसके तीसरे फेज का परीक्षण करेंगे, ताकि जरूरी नियामक शर्तों को पूरा किया जा सके. आपको बता दें कि रूस में 11 अगस्त को दुनिया का पहला कोरोना टीका लांच किया गया था, जिसका नाम स्पुतनिक वैक्सीन रखा गया. इस टीके का फेज 1 और फेज 2 का परीक्षण किया गया था.

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