कोरोना के लेटेस्ट नंबर्स देख कर आप भी घबरा गए? आइए जानते हैं भारत में कैसी है कोरोना की बिग पिक्चर

दिल्ली : देश में Covid 19 के ताजा आंकड़े देख कर आप चिंतित हो सकते हैं. देश में संक्रमित लोगों की संख्या 13 दिनों में 30 लाख से 40 लाख पार कर गयी. वायरस के मरने वालों की संख्या 70 हज़ार से ज़्यादा हो चुकी है और पुणे में 1.3 लाख, मुंबई में 1.28 लाख और दिल्ली में डेढ़ लाख से ज़्यादा लोग संक्रमित हैं.

रोज़ समाचार माध्यमों पर यह नंबर्स देख कर अगर लोग परेशान हो जाएं तो हैरानी नहीं होनी चाहिए. लेकिन यह भारत में COVID-19 की बिग पिक्चर नहीं है. आज हम बात करेंगे कि क्यों हमें सतर्क रहते हुए आशान्वित रहना चाहिए कि अगले कुछ महीनों में हालात बेहतर होने लगेंगे.
हमें याद रखना चाहिए कि अगर आज संक्रमितों कि संख्या 40 लाख से ऊपर है तो इसकी एक बड़ी वजह बड़ी तादाद में हो रही टेस्टिंग है. पिछले एक हफ्ते में 7 में से 6 दिन भारत में कोरोना वायरस की टेस्टिंग की संख्या 10 लाख से ज़्यादा रही है. अगस्त 6 तक 4 करोड़ 95 लाख लोगों को वायरस के लिए टेस्ट किया जा चुका था.

सतर्क रहने का , घबराने की नहीं

ज़ाहिर है, अगर टेस्टिंग ज़्यादा होगी ज़्यादा संक्रमित लोगों की पहचान भी होगी, यही अब देश में हो रहा है. अच्छी बात यह है कि ज़्यादा टेस्टिंग के बावजूद संक्रमण की दर 8 प्रतिशत या उसके आस पास टिकी हुई है और भी ऐसे नंबर्स हैं जो हमें बताते हैं कि ज़रुरत सावधान रहने की है, घबराने की नहीं.

भारत में संक्रमितों में से सिर्फ 0.5 प्रतिशत लोग वेंटिलेटर्स पर हैं. सिर्फ 2 प्रतिशत ICU में भर्ती हैं और 3.5 प्रतिशत ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं. हालांकि जिन परिवारों में उनके प्रियजन कोरोनावायरस के कारण चल बसे, उनके लिए अगला तथ्य मायने नहीं रखता. लेकिन बाकि देश के लिए एक संतोष की बात है कि भारत में COVID 19 की मृत्यु दर 1.7 से 1.8 प्रतिशत पर बनी हुई है. यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है, क्योंकि बाकी सब देशों को मिला कर दुनिया में मृत्यु दर 4 प्रतिशत है.

ऐसे आएगा हालात में सुधार

यहां आपको बताना ज़रूरी है कि पिछले हफ्ते भर में नए संक्रमण और वायरस से ठीक होने वाले लोगों के बीच का दैनिक अंतर बढ़ा है. 31 अगस्त को यह अंतर माइनस 4,321 था, जो 6 अगस्त को बढ़ कर माइनस 22 हज़ार से ऊपर चला गया. इसलिए हम बार-बार कह रहे हैं कि हम सब को चौकन्ना रहने की आवश्यकता है.जैसे ही नए संक्रमण और ठीक होने वालों के बीच का अंतर स्थाई तौर पर घटने लगेगा, स्थिति में भारी सुधार दिखने लगेग।

वैक्सीन उत्पादन में कहां है हम

भारत वैक्सीन उत्पादन में भी दुनिया में बहुत आगे है. सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India), ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी और अमेरिकी कंपनियों, AstraZeneca और Novavax के साथ मिल कर कोरोनावायरस वैक्सीन का उत्पादन करेगी.

ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी वाली वैक्सीन की तो भारत में फेज़ 2 और 3 की टेस्टिंग भी होगी. अमेरिकी कंपनियों, Moderna और Pfizer की वैक्सीन्स के तीसरे फेज़ के ट्रायल्स भी चल रहे हैं, जिनमे 30,000 वॉलंटियर्स हिस्सा ले रहे हैं. इन वैक्सीन्स को अमेरिकी सरकार का भी पूरा समर्थन मिल रहा है. Moderna और Pfizer इस साल के अंत तक अपनी-अपनी वैक्सीन्स को बाजार में लांच कर देना चाहते हैं. इन सभी बातों का एक ही मतलब है, COVID 19 से जंग बड़ी शिद्दत से लड़ी जा रही है.

भारत भी इस लड़ाई में पूरी कोशिश कर रहा है. लेकिन इस में हम सब की भी एक बहुत बड़ी भूमिका है. कोरोनावायरस से लड़ने के तीन गुरुमंत्र हमें हमेशा याद रहने चाहिए और हरदम इनका पालन भी अत्यावश्यक है.

क्या हैं ये तीन मंत्र?

एक, हमेशा घर से बाहर जाने से पहले मास्क पहनें.
दो, घर से बाहर सोशल डिस्टेंसिंग का सजगता से पालन करें,
तीन, यथा आवश्यक साबुन से अपने हाथ साफ़ करते रहें.
अगर यह तीन काम भारत पूरी निष्ठा से करता रहेगा तो कोरोनावायरस को हराने में बड़ी मदद मिलेगी.

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