अर्थशास्त्री का दावा, प्रधानमंत्री मोदी जिस रीवा सौर ऊर्जा परियोजना का किया उद्धघाटन, वो नहीं है एशिया का सबसे बड़ा….

प्रधानमंत्री मोदी ने मध्य प्रदेश के रीवा में शुक्रवार को 750 मेगावाट ( MW ) सोलर प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उद्घाटन करते हुए कहा था की,”रीवा का यह सौर ऊर्जा परियोजना पूरे क्षेत्र को इस दशक में ऊर्जा का बहुत बड़ा हब बन जायेगा। इस परियोजना से किसानों, मध्यम और गरीब परिवारों और आदिवासियों को लाभ होगा। आगे उन्होंने ने कहा की,”आज रीवा ने वाकई इतिहास रच दिया है। हमारी संस्कृति में सूर्य का विशेष महत्व रहा है। रीवा की पहचान मां नर्मदा के नाम से और सफेद बाघ से रही है। इन सब के अलावा अब इसमें एशिया की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा केंद्र का नाम भी जुड़ गया है।

रीवा के इस सौर ऊर्जा परियोजना को कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि यह एशिया का सबसे बड़ा सोलर परियोजना है। लेकिन इन सब दावों को नकारते हुए अर्थशास्त्री ( Economist ) रूपा सुब्रमण्यम का कहना है कि मीडिया झूठ बोल रहा है और यह एशिया का सबसे बड़ा सोलर प्रोजेक्ट नहीं है।

रूपा ने ट्वीट करते हुए लिखा की,”एशिया का सबसे बड़ा सोलर पावर प्लांट REWA में नहीं है, जैसा की पिछले एक हफ्ते से भारत की बिकाऊ मीडिया रिपोर्ट करते रहे हैं। एशिया का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा प्लांट कर्नाटक के पवागडा में है जिसका उद्घाटन 2018 में तत्कालीन कांग्रेस मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने किया था। रीवा के 750 MW के मुकाबले कर्नाटक का सोलर पार्क 2050 MW के साथ दुनिया का सबसे बड़ा प्लांट है। रूपा के इस ट्वीट को कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने जवाब देते हुए कहा,”राज्य प्रायोजित फर्जी खबर को काउंटर करने के लिए शुक्रिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *