45 साल पुरानी क्रीम का ‘Fair’ फैसला, अब कहलाएगी “Glow and Lovely”

हिंदुस्तान यूनिलीवर ने अपने लोकप्रिय स्किनकेयर ब्रांड फेयर ऐंड लवली का नाम बदलकर अब ‘ग्लो ऐंड लवली’ कर दिया है. कंपनी ने कुछ दिनों पहले ही अपने इस ब्रांड से फेयर शब्द हटाने का निर्णय लिया था.

FMCG कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर ने अब इस क्रीम की नए सिरे से ब्रांडिंग की है. इसके पहले इसे गोरेपन की क्रीम के रूप में दशकों तक जमकर प्रचारित किया गया और बेचा गया. लेकिन अब कंपनी का कहना है कि वह सकारात्मक सौंदर्य के नजरिए से ज्यादा समावेशी दृष्टिकोण रखते हुए इसका नाम बदल रही है. कंपनी मर्दों के लिए जो क्रीम लाएगी उनका ब्रांड नाम ‘ग्लो ऐंड हैंडसम (Glow & Handsome) होगा.

कब तक आएगी बाजार में

सोर्स के अनुसार हिंदुस्तान यूनिलीवर ने एक बयान में कहा, ‘अगले कुछ महीनों में ग्लो ऐंड लवली दुकानों में पहुंच जाएगी और आगे के सभी इनोवेशन इस नए ब्रांड के आधार के पर ही किए जाएंगे.’

आपको बता दें कि गत 25 जून को ही हिंदुस्तान यूनिलीवर ने यह घोषित किया था कि वह सौंदर्य के प्रति समग्र रवैया अपनाते हुए अपने लोकप्रिय ब्रांड फेयर ऐंड लवली से ‘फेयर’ शब्द हटा रही है. कंपनी ने कहा कि वह इसके लिए जरूरी नियामक मंजूरी भी लेगी.

पेटेंट के लिए किया आवेदन

हिंदुस्तान यूनिलीवर ब्रिटेन की बहुराष्ट्रीय कंपनी यूनिलीवर पीएलसी की एक सब्सिडियरी है. कंपनी ने कंट्रोलर जनरल ऑफ पेटेंट डिजाइन और ट्रेडमार्क के पास ‘ग्लो ऐंड लवली’ के पेटेंट डिजाइन और ट्रेडमार्क के लिए आवेदन भी किया है.

गौरतलब है कि स्किन के रंग के आधार पर किसी तरह के भेदभाव को अमानवीय माना जाता है और पश्चिमी देशों में इसके खिलाफ कई आंदोलन चलते रहे हैं. पश्चिम में ऐसा ही एक आंदोलन चल रहा है ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’. हाल में अमेरिका में एक अश्वेत व्यक्ति की एक श्वेत पुलिसकर्मी की ज्यादती से हुई मौत के बाद भी इस तरह का आंदोलन और जोर पकड़ रहा है.

ऐसा लगता है कि यूनिलीवर इस वजह से समय से पहले सचेत होकर नए सिरे से ब्रांडिंग में जुट गई है. हाल में अमेरिका की दिग्गज कंपनी जॉनसन ऐंड जॉनसन ने भी दुनियाभर में गोरापन बढ़ाने वाले प्रोडक्ट बेचने बंद कर दिए हैं. फ्रांस की कंपनी L’Oreal ने भी यह निर्णय लिया है कि वह अपने सभी स्किनकेयर प्रोडक्ट से फेयर, फेयरनेस, लाइट, लाइटनेस जैसे शब्द हटाएगी.

जानें क्यों बदला ‘Fair & Lovely’ का नाम?

कंपनी का यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है, जब नस्लीय आधार पर विभेद के खिलाफ दुनिया भर में आवाजें तेज हो रही हैं. हालांकि, कंपनी का कहना है कि उसके इस कदम का अभी पश्चिमी देशों में चल रहे नस्लवाद विरोधी आंदोलन से कोई लेना देना नहीं है. उसने कहा कि वह दो हजार करोड़ रुपए के अपने ब्रांड को बेहतर बनाने के लिए कई साल से काम कर रही है. कंपनी ने कहा कि त्वचा देखभाल से जुड़े उसके दूसरे उत्पादों के मामले में भी नया दृष्टिकोण अपनाया जाएगा, जिसमें हर रंग-रूप का ख्याल रखा जाएगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *