गुजरात: मंत्री के बेटे को महिला पुलिसकर्मी ने नाइट कर्फ्यू का पालन न करने पर रोका, हुआ ट्रांसफर फिर इस्तीफा

देश में फैली कोरोना महामारी के चलते इन दिनों पूरे देश में लॉकडाउन ( Unlock – 2 ) चल रहा है। निर्धारित समय के बाद घर से निकलने की मनाही है। इसके लिए रात के 10 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू लगा रहता है , जब तक कोई आवश्यक काम न हो तब तक आप घर से बाहर नहीं निकल सकते। लेकिन बीते 8 जुलाई को सूरत के मंगध चौक पर एक मामला सामने आया जिसमे एक महिला पुलिसकर्मी सुनीता यादव को अपनी ड्यूटी करना काफी महंगा पड़ गया। इतना महंगा की यहाँ तक उसे तबादला तक हो गया।

दरअसल सुनीता यादव अपनी नाईट ड्यूटी पर थी तभी राज्य के स्वास्थ्य मंत्री कुमार कानानी के समर्थक बिना मास्क लगाए घूम रहे थे। तभी अपनी फर्ज और ड्यूटी को निभाते हुए सुनीता ने उन्हें रोका और बिन मास्क और कर्फ्यू के दौरान सड़क पर घूमने जैसे सवाल पूछा।

आपको बतादें लगभग रात साढ़े दस बजे मंत्री कुमार कानानी के समर्थक बिना मास्क लगाए घूम रहे थे। तभी ड्यूटी पर तैनात सुनीता ने उनसब से मास्क न लगाने और घूमने की वजह पूछी। सुनीता की इन सब सवालों से वे लोग नाराज हो गए और अपने दोस्त मंत्री के बेटे को कॉल कर दिया। तभी मौके पर मंत्री के बेटे आ पहुंचा। उसके बाद भी सुनीता पूछताछ जारी रखी। इस घटनाकर्म का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेज़ी से वायरल हो रहा है।

इसके बाद सुनीता ने पूरी घटना वारछा पुलिस स्टेशन में फोन करके वहां के इंस्पेक्टर को बताया। इंस्पेक्टर ने सुनीता से कहा की आपकी ड्यूटी सिर्फ इतना था की उस इलाके में कोई हीरा और टेक्सटाइल यूनिट न खुले, न कि कर्फ्यू में आने जाने वाले लोगों का ध्यान रखना। बाद में इंस्पेक्टर सुनीता को घर जाने का आदेश दे दिया।

इस घटनाक्रम का वीडियो वायरल होते ही पुलिस सक्रिय हो गयी इसके बाद मंत्री ने सुनीता पर गंभीर आरोप लगाए। मंत्री का कहना है महिला पुलिसकर्मी सुनीता ने उनके बेटे के साथ बदसलूकी की। इस मामले को लेकर पुलिस ने जांच बिठा दी है। जो भी दोषी पाया जायेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद सुनिता यादव का तबादला भी हो जाता है। बात यहां तक सुनने में आयी है की सुनीता ने इस्तीफा भी दे दिया है।

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