जय भगवान गोयल बोले- हां! मैंने ढांचा गिराया, हिंदू जीता, अब काशी और मथुरा है मुद्दा

बाबरी मामले में बरी होने के बाद जय भगवान गोयल बोले- हां! मैंने ढांचा गिराया, हिंदू जीता, अब काशी और मथुरा है मुद्दा

अयोध्या में बाबरी ढांचा गिराए जाने के मामले में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने 28 साल बाद सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि ऐसा नहीं लगता कि बाबरी मस्जिद गिराने की घटना पूर्व नियोजित थी। आरोपियों की मंशा ढांचे गिराने की नहीं थी। लेकिन,जय भगवान गोयल ने एबीपी न्यूज से बातचीत में कहा, “हां मैंने ढांचा तोड़ा था और मुझे गर्व है. सीबीआई कोर्ट ने मुझे बरी कर दिया. इसके लिए धन्यवाद. अगर सीबीआई कोर्ट हमें सजा सुनाती, उसे भी हम स्वीकार करते. हमने ढांचा बिल्कुल गिराया था. गिराया था, तभी तो आज राम मंदिर बन रहा है. अगर 6 दिसंबर 1992 को मस्जिद नहीं गिराते, तो राम मंदिर कैसे बन पाता. हिंदू जीता, अब हमारा अगला एजेंडा काशी और मथुरा है.”

क्या बाबरी विध्वंस पूर्व नियोजित साजिश थी?
इस सवाल के जवाब में जय भगवान गोयल ने कहा, ‘हम कोर्ट में ये बात कह चुके हैं कि हमने ही ढांचा गिराया था. 90 में कार सेवकों को गोलियों से भूना गया था. हमारे नेता अशोक सिंघल जी का सिर फाड़ दिया था, ये सबकुछ हमने देखा था. इसको लेकर हमारे अंदर आक्रोश था कि जब कभी कार सेवा होगी तो ढांचा टूटना चाहिए.’

उन्होंने आगे कहा, ‘हमारा पूरा एजेंडा था कि ढांचा बचना नहीं चाहिए. ढांचा टूटना ही चाहिए, ये हमारा भाव था. भाव के साथ-साथ हनुमान जी की कृपा हुई, हजारों लाखों की संख्या में लोग वहां पहुंचे और हर कार सेवक के अंदर स्वयं हनुमान जी आ गए.’

‘फांसी भी हो जाती तो कोई गम नहीं’
शिवसेना से जुड़े रहे जय भगवान गोयल ने बरी होने के तुरंत बाद कहा कि ढांचा गिराना पूर्व नियोजित था। गोयल ने यहां तक कहा कि उस समय खुद बजरंगबली आ गए थे और ढांचा ढहा दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में अगर कोर्ट उन्हें फांसी की सजा भी सुना दें तो वे फांसी पर चढ़ जाएंगे। जमानत के लिए लोग नहीं लाएंगे।

कैमरे पर जय भगवान यह कहते नजर आ रहे हैं, ‘जो काम हुआ था रामजी के लिए हुआ था। कोर्ट फांसी भी देती तो तैयार थे। राम जी का काम हो गया। फैसले से सभी खुश हैं। जो 6 दिसंबर को हुआ था, वो सही हुआ था। फैसला राम जी के पक्ष में आया।’

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