बड़ी खबर LIVE: भारत के भविष्य से खिलवाड़ कर रही मोदी सरकार, बोले- नौकरी दो, खाली नारे नहीं: राहुल गांधी

नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक बार फिर मोदी सरकार (Modi Govt) पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है. राहुल सोशल मीडिया पर खासा एक्टिव रहते हैं और वह लगभग हर रोज देश के मुद्दों को इस प्लेटफॉर्म के जरिए उठाते हैं. राहुल ने कुछ देर पहले ट्वीट किया कि मोदी सरकार भारत के भविष्य को खतरे में डाल रही है. वह परीक्षार्थियों की मांगों की अनदेखी कर रही है. उन्होंने केंद्र से मांग की कि सरकार नौकरियां दें, खाली नारेबाजी न करे.

राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘मोदी सरकार भारत के भविष्य को खतरे में डाल रही है। अहंकार की वजह से वो JEE-NEET आकांक्षियों की वास्तविक चिंताओं के साथ-साथ SSC और अन्य परीक्षा देने वालों की मांगों की अनदेखी कर रहे हैं। नौकरी दो, खाली नारे नहीं।’

राहुल गांधी सोशल मीडिया पर मोदी सरकार के खिलाफ हमला बोलते रहते हैं। इससे पहले अर्थव्यवस्था को लेकर भी उन्होंने मोदी सरकार पर हमला बोला था। राहुल गांधी ने दावा किया कि अर्थव्यवस्था की बर्बादी नोटबंदी से शुरू हुई थी और उसके बाद से एक के बाद एक गलत नीतियां अपनाई गईं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ जीडीपी -23.9 प्रतिशत हो गई. देश की अर्थव्यवस्था की बर्बादी नोटबंदी से शुरू हुई थी। तब से सरकार ने एक के बाद एक ग़लत नीतियों की लाइन लगा दी।

वहीं उन्होंने सोमवार को एक वीडियो मैसेज के जरिए कहा था, ‘जो आर्थिक त्रासदी देश झेल रहा है उस दुर्भाग्यपूर्ण सच्चाई की आज पुष्टि हो जाएगी। भारतीय अर्थव्यवस्था 40 वर्षों में पहली बार भारी मंदी में है। असत्याग्रही इसका दोष ईश्वर को दे रहे हैं। बीजेपी की सरकार ने असंगठित अर्थव्यवस्था पर आक्रमण किया है और आपको गुलाम बनाने की कोशिश की जा रही है।’

उन्होंने इसके तीन बड़े उदाहरण देते हुए कहा, ‘नोटबंदी, गलत जीएसटी और लॉकडाउन। आप यह मत सोचिए कि लॉकडाउन के पीछे सोच नहीं थी। यह मत सोचिए कि आखिरी मिनट पर लॉकडाउन कर दिया गया। इन तीनों का लक्ष्य हमारी इनफॉरमल सेक्टर को खत्म करने का है। प्रधानमंत्री जी को अगर सरकार चलानी है, मीडिया की जरूरत है, मार्केटिंग की जरूरत है, मीडिया और मार्केटिंग 15-20 लोग करते हैं।ष इनफॉरमल सेक्टर में पैसा है, लाखों करोड़ों रुपये, जिसको यह लोग छू नहीं सकते। किसानों के घर में मजदूरों के पास छोटे बिजनेज में दुकानदारों के पास लाखों करोड़ों रुपये हैं। इसको यह लोग तोड़ना चाहते हैं, पैसा लेना चाहते हैं।’

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