अब चिड़ियाघरों के निजीकरण की तैयारी में जुटी केंद्र की मोदी सरकार!

केंद्र सरकार अब चिड़ियाघरों के निजीकरण की तैयारी में जुट गई है। इसके लिए मोदी सरकार ने पीपीपी मॉडल पर चिड़ियाघर चलाने का फैसला किया है। पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में चिडिय़ाघरों का सार्वजनिक-निजी साझेदारी के माध्यम से सुधारने और उनका विस्तार करने के लिए एक योजना लाएगी।

‘वन्जीव सप्ताह 2020’ के ऑनलाइन कार्यक्रम में पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि इस योजना के लिए धन आवंटित किया जाएगा और अगले साल बजट सत्र में इसकी घोषणा की जाएगी। जावडेकर ने कहा, ‘बच्चों को चिडिय़ाघर घूमना पंसद है और ऐसे में उनका अनुभव बढ़ाने के लिए इन चिडिय़ाघरों का उपयुक्त प्रबंधन किया जाना चाहिए। देश में 160 चिडिय़ार हैं। हम देशभर में चिडिय़ाघरों के उन्नयन एवं विस्तार के लिए शीघ्र ही नयी योजना लायेंगे और हम इसके लिए बजट निर्धारित करेंगे। अगले साल के बजट सत्र में उसकी घोषणा की जाएगी।’

पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर कहा कि इस योजना राज्य सरकारों और निगमों को शामिल किया जाएगा। इस ऑनलाइन कार्यक्रम में जावडेकर ने दिल्ली राष्ट्रीय प्राणि उद्यान के कुल आर्थिक मूल्यांकन के आधार रिपोर्ट जारी किया। एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (टेरी) और केंद्रीय प्राणि उद्यान प्राधिकरण ने मिलकर यह रिपोर्ट तैयार की है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक 2019-20 में राजधानी दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणि उद्यान के पारिस्थितिकी तंत्र का आर्थिक नजर से कुल मूल्य 422.76 करोड़ रूपये है। रिपोर्ट के मुताबिक इसका 77 प्रतिशत हिस्सा मनोरंजन और सांस्कृतिक सेवाओं से आया जो 324.33 करोड़ रूपये है।

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