नेत्र रोग विशेषज्ञ सावधान: रिकवरी के 2 माह बाद महिला की आंखों में मिला कोरोनावायरस, दर्द से जूझ रही महिला की दो बार हुई आई सर्जरी

चीन में कोरोना का एक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। 64 साल की बुजुर्ग महिला कोरोना से रिकवर हुई। उसके 2 माह बाद कोरोनावायरस उसकी आंखों में मिला। चीन में यह मामला काफी चर्चा में है। कई रिसर्च में भी साबित हो चुका है कि आंखों में लालिमा या सूजन दिखने पर अलर्ट हो जाएं। ये कोरोना के लक्षण हो सकते हैं

महिला जनवरी में हुई संक्रमित
लगातार पांच दिन तक सूखी खांसी और नौ दिन तक डायरिया के लक्षण दिखने के बाद महिला को 31 जनवरी 2020 को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। वह बुखार से भी परेशान थी। चेस्ट सीटी स्कैन करने पर फेफड़ों में संक्रमण का असर दिखा। इसके बाद उसकी नाक से सैम्पल लिया गया और जांच में कोरोना की पुष्टि हुई। लेकिन, उस दौरान कोई सीरियस प्रॉब्लम नहीं नजर आई और न ही आंखों में कोई दिक्कत थी।

फरवरी में दो बार रिपोर्ट निगेटिव आने पर डिस्चार्ज हुई
18 और 20 फरवरी को हुई जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। करीब 8 दिन बाद उसकी दाईं आंख में दर्द होना शुरू हुआ। 28 फरवरी तक आंखों में लगातार दर्द बढ़ता रहा और दिखना कम होने लगा। जब दर्द सहने की क्षमता से पार हो गया तो महिला हॉस्पिटल पहुंची।

8 मार्च को अस्पताल में भर्ती किया गया। डॉक्टर्स ने पाया कि महिला ग्लूकोमा अटैक से जूझ रही थी। आंखों में दबाव के कारण दर्द हो रहा है। पहले दवाओं की मदद से दर्द कंट्रोल करने की कोशिश की गई। अधिक फायदा न दिखने पर सर्जरी की गई।

आंखों की दो बार सर्जरी हुई
चीन के वुहान स्थित सेंटर थिएटर कमांड हॉस्पिटल में महिला की दो बार सर्जरी हुई। 14 मार्च को राइट और 15 मार्च को लेफ्ट आई की सर्जरी हुई। सर्जरी के बाद भी आंखों में लगातार दबाव और दर्द बढ़ने पर महिला की 10 अप्रैल को फिर सर्जरी की गई। सर्जरी के दौरान आंखों से लिए गए टिश्यू सैम्पल की जांच की गई तो उसमें कोरोनावायरस का प्रोटीन मिला।

नेत्र रोग विशेषज्ञ सावधान रहें
शोधकर्ता ने नेत्र रोग विशेषज्ञों को आंख संबंधी तकलीफ लेकर अस्पताल आने वाले मरीजों को लेकर सावधानी बरतने की अपील की है। मरीज की आंखों की जांच करते वक्त सावधान रहना होगा। आंखों की सतह वायरस का घर होने के साथ फैलाव का कारण बन सकती है।

आंखों में खुद की कॉपी बनाता है वायरस
शोधकर्ताओं का कहना है कि वायरस आंखों के फ्ल्यूड में अपनी प्रतिलिपियां बनाता रहता है। एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित शोध में वैज्ञानिकों का दावा है कि आंखों के म्यूकस और आंसुओं में भी वायरस रहता है, जो दूसरों को संक्रमित कर सकता है।

गुलाबी आंखें, तो सतर्क
शोधकर्ताओं का कहना है कि कोरोना वायरस की चपेट में आने वाले व्यक्ति में सबसे सामान्य लक्षण बुखार का है। कुछ मामलों में ये भी देखा गया है कि बुखार के साथ आंखें गुलाबी रंग की दिखती है। ऐसे में सावधानी बरतें और आंखों को समय-समय पर जांचते रहें।

जामा ऑप्थेल्मोलॉजी जर्नल में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, कोरोना के मरीजों में ‘ऑक्युलर मेनिफेस्टेशन’ के मामले सामने आए हैं। ऐसे मामलों में आंख में लालिमा और सूजन आती है। इससे पहले हुई एक और रिसर्च में सामने आया है कि कोरोना आंखों की ऊपरी लेयर के अलावा आंसुओं में भी पाया गया है। यहां से भी संक्रमण फैल सकता है।

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