ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने बनाई कोरोना वैक्सीन, आधा हिस्सा आएगा भारत! जाने कब और कितने में मिलेगी

पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रहा है। बड़ी बात ये है की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित कोरोना वैक्सीन की शुरुआती परीक्षणों के नतीजे बेहद उत्साहजनक और एक नई किरण जगाई है। ChAdOx1 nCoV-19 को वालिटंयर्स पर परीक्षण किया गया जिसके बाद इनमे एक सुरक्षित और प्रभावी प्रतिरक्षा प्रणाली प्रतिक्रिया विकसित करने में सक्षम है।

इस वैक्सीन को जेनर इंस्टीट्यूट (Oxford University) और ब्रिटिश-स्वीडिश फार्मा फर्म के वैज्ञानिकों ने मिलकर बनाया है। इसे बड़े पैमाने पर उत्पादन करने का लाइसेंस दिया गया है। सब से बड़ी बात ये है की ब्रिटेन की दवा कंपनी ने भारत के पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ मिलकर इस काम को किया है,जो ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर इस वैक्सीन की 1 अरब यानि 100 करोड़ खुराक बनाएगा।

वर्तमान में, एस्ट्राजेनेका पहले से ही Brazil, दक्षिण अफ्रीका और Uk में संभावित वैक्सीन के तीसरे चरण के परीक्षणों की तैयारी कर रहा है। कोविशिल्ड के फेज I / II परीक्षणों के आशाजनक नतीजों के बाद, भारत में पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट अगले महीने अगस्त में फेज III (अंतिम चरण) मानव परीक्षण शुरू करने के लिए बिल्कुल तैयार है।

शुरवाती परीक्षणों के बाद ये साफ हो गया है कि ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन को वालिटंयर्स अच्छी तरह से सहन कर पा रहे हैं और वालिटंयर्स में इस वैक्सीन के बाद सुरक्षात्मक एंटीबॉडी और टी-सेल प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाएं बढ़ रही हैं। फेज III के परीक्षण इस बारे में निर्णायक जानकारी देंगे कि यह वैक्सीन COVID-19 के खिलाफ कितना संरक्षण प्रदान करती है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अडार पूनावाला ने कहा कि कोविडशील्ड का तीसरा चरण परीक्षण अगस्त में शुरू होगा और वे इसे अक्टूबर-नवंबर तक पूरा करने की योजना बना रहे हैं।

एक न्यूज चैनल से बात करते हुए, अडार पूनावाला ने ये बताया कि उन्हें इस बात की पूरी उम्मीद है कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित वैक्सीन उम्मीदवार ‘कोविशील्ड’ की 300 M खुराक Dec 2020 तक निर्मित की जाएगी। आगे पूनावाला यह भी कहा कि SII द्वारा तैयार वैक्सीन का आधा हिस्सा यानि की 50 % वैक्सीन भारत को मिलेगी बाकि 50 फीसदी वैक्सीन दूसरे देशों को दी जाएगी क्योंकि दुनिया को महामारी से मुक्त करने के लिए समान रूप से टीकाकरण की आवश्यकता है।

सब से बड़ी बात इसकी कीमत की तो COVID-19 वैक्सीन की कीमत के बारे में पूनावाला ने कहा कि इस पर टिप्पणी करना जल्दबाजी हो सकता है, लेकिन वे वैक्सीन को सस्ती बनाना चाहते हैं क्योंकि वे “महामारी से फ़ायदा नहीं उठाना चाहते हैं। आगे पुनवाला ने यह भी कहा कि सरकार टीकाकरण को आम जनता के बीच मुफ्त में वितरित करने के लिए टीकाकरण कार्यक्रम स्थापित कर सकती है ताकि कोरोनो महामारी का मुकाबला किया जा सके।

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