दुष्कर्म की जांच करने 10 साल बाद पहुंची पुलिस, पिता ने जोड़े हाथ- कहा माफ़ करिये बेटी की शादी हो गई

मुजफ्फरपुर : अखाड़ाघाट रोड इलाके के एक मोहल्ले में 10 साल पहले 17 वर्षीय किशोरी से रेप हुआ था। पीड़िता के विरोध करने पर दरिंदे ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया था। किराए के मकान में रहने वाले आरोपित को नामजद करते हुए पीड़िता ने कोर्ट में शिकायत की थी। काेर्ट के आदेश पर 22 अगस्त 2010 को नगर थाने में दुष्कर्म की धारा 376 और जानलेवा हमले की धारा 307 के तहत FIR दर्ज की गई थी। एफआईआर के बाद पीड़िता व परिजन कार्रवाई के लिए थाने से लेकर अन्य अधिकारियों के पास चक्कर काटते रहे, लेकिन पुलिस ने उक्त फाइल काे लंबित कांड के पुलिंदे में बांध दिया।

लड़की के पिता बोले- अब बख्श दीजिए, केस को यहीं खत्म कर दें

अब 10 साल बाद सिटी एसपी नीरज सिंह की समीक्षा में जब यह केस खुला तो अनुसंधान शुरू हुआ। पीड़िता का पुनः बयान लेने का निर्देश वर्तमान आईओ दारोगा राजपत कुमार को दिया गया। गुरुवार को काफी मशक्कत के बाद दारोगा की पीड़िता के पिता से मुलाकात हुई। जब दुष्कर्म के केस की छानबीन के लिए पहुंचने की बात दारोगा ने बताई तो पीड़िता के पिता हाथ जोड़ कर खड़े हो गए।

पूर्व आईओ पर होनी चाहिए कार्रवाई
यह मामला जस्टिस डिलेड, जस्टिस डिनाइड की श्रेणी का है। ऐसे मामलाें से ही पीड़ित पक्ष का न्याय से भरोसा उठ जाता है। इसे नजीर के रूप में लेकर वरीय अधिकारियों को सीख लेनी चाहिए और तय समय सीमा में अनुसंधान पूरा कराया जाना चाहिए। वैसे तो इस मामले में पूर्व के आईओ पर कार्रवाई की जानी चाहिए। -डाॅ. संगीता शाही, वरीय अधिवक्ता

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