बंदरों का आतंक कंट्रोल करने के लिए 200 बंदरों के प्राइवेट पार्ट काटे गए

थाईलैंड में बंदरों के आतंक से लोग इतना परेशान हो गए हैं कि अब सरकार को इस बारे में कठोर कदम उठाने पड़ रहे है. सरकार के आदेश के बाद वाइल्ड लाइफ (Wild Life) विभाग ने कार्रवाई करते हुए सैकड़ों बंदरों के प्राइवेट पार्ट्स (Private Parts) काटकर जनसंख्या नियंत्रण के कड़े कदम उठाए हैं. लॉकडाउन के बाद ये बन्दर सोन्गखला शहर में घुस गए थे और घरों में घुसकर खूब आतंक मचाया था.
स्थानीय मीडिया के रिपोर्ट के अनुसार वाइल्ड लाइफ विभाग के कर्मचारियों ने करीबन 200 बन्दरों को बेहोश कर पिंजरों में डाला और फिर ऐसा किया गया. इसके अलावा बन्दरों को मार्क भी किया गया है ताकि भविष्य में कभी इस तरह की कार्रवाई में इनकी पहचान हो सके.एक रिपोर्ट के अनुसार थंग टेल (Thung Tale) वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन ऑफिसर सुवात सुकसिरी ने कहा कि हमें बंदरों को रोकने की जरूरत थी. निवासियों ने कहा है कि अतिरिक्त बंदरों के आने पर अतिरिक्त समस्याएँ और संघर्ष हो सकता है.

बंदरों की आबादी रोकना ज़रूरी इससे पहले लोपबुरी (Lopburi) के केन्द्रीय मेट्रोपोलिस में भी बंदरों की की संख्या नियंत्रण से बाहर होती देख इस तरह स्टेरलाइज (sterilised) किया गया था. अधिकारी ऐसे 500 से 6000 जानवरों की तलाश में हैं जो खाने के आउटलेट के बाहर रहकर लोगों को आतंकित करते हैं. उन सभी का लिंग बदलने की कार्रवाई करने की योजना है.

लोगों ने उन्हें जंक फूड देने का प्रयास किया लेकिन खाने में सुगर की मात्र बढ़ने से उनके प्रजनन में वृद्धि हुई और अब लोगों के लिए ये एक समस्या बन गए हैं. मार्च में देखा गया था कि सैकड़ों बन्दर खाने के आउटलेट्स (Outlets) के बाहर जमा हो जाते थे. इसके फोटो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे.

इनकी संख्या हर तीन साल में दोगुनी हो रही थी और इंसानों के लिए इन्हें सहन करना मुश्किल हो रहा था. कई जगहों पर इन बंदरों की लूट से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. खबरों के अनुसार कोरोना वायरस (Corona Virus) के दौरान इन बंदरों ने लॉक डाउन (Lock Down) में लोगों के घरों में आतंक मचाया और कई बार दंगे भड़काने जैसा माहौल भी पैदा हो गया.

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