हाथरस केस : उमा भारती का बड़ा बयान, बोलीं- नेताओं को पीड़िता के परिवार से मिलने दें, भाजपा की छवि खराब हुई है

भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने शुक्रवार को कहा कि हाथरस की घटना में उत्तर प्रदेश पुलिस की ‘संदिग्ध’ कार्रवाई के कारण भाजपा, राज्य सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि को नुकसान पहुंचा है. उन्होंने योगी से अनुरोध किया कि वह मीडियाकर्मियों तथा नेताओं को पीड़िता के परिवार से मिलने दें.

कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद उमा भारती को ऋषिकेश के एम्स में भर्ती करवाया गया है. भारती ने कहा कि अगर उनका स्वास्थ्य ठीक होता तो वह खुद भी पीड़िता के परिवार से मिलने हारथस जातीं. उन्होंने कहा कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह निश्चित ही परिवार से मिलने जाएंगी. उमा भारती ने हिंदी में कई ट्वीट किए. इनमें उन्होंने कहा, ‘उत्तर प्रदेश पुलिस की संदिग्ध कार्रवाई के कारण भाजपा, उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि को नुकसान पहुंचा है.’

उमा भारती ने लिखा, “मेरी जानकारी में ऐसा कोई नियम नही है की एसआइटी जाँच में परिवार किसी से मिल भी ना पाये. इससे तो एसाईटी की जाँच ही संदेह के दायरे में आ जायेगी. हमने अभी राम मंदिर का शिलान्यास किया है तथा आगे देश में रामराज्य लाने क़ा दावा किया है किन्तु इस घटना पर पुलिस की संदेहपूर्ण कार्यवाही से आपकी, यूपी सरकार की , तथा भाजपा की छवि पे आँच आयी है.”

उन्होंने कहा, “आप एक बहुत ही साफ सुधरी छवि के शासक हैं. मेरा आपसे अनुरोध है कि आप मीडियाकर्मियों को एवं अन्य राजनीतिक दलो के लोगों को पीड़ित परिवार से मिलने दीजिये. मैं कोरोना वार्ड में बहुत बेचैन हूं. अगर मैं कोरोना पॉज़िटिव ना होती तो मैं भी उस गांव मै उस परिवार के साथ बैठी होती. AIIMS ऋषिकेश से छुट्टी होने पर मै हाथरस में उस पीड़ित परिवार से ज़रूर मिलूँगी.” अपने आखिरी ट्वीट में उन्होंने लिखा, “मैं भाजपा में आपसे वरिष्ठ एवं आपकी बड़ी बहन हूं. मेरा आग्रह है की आप मेरे सुझाव को अमान्य मत करियेगा.”

बता दें कि हाथरस सामूहिक बलात्कार पीड़िता के लिये न्याय की मांग करने को लेकर नागरिक समाज के कार्यकर्ता, छात्र और महिलाएं शुक्रवार को यहां जंतर मंतर पर जुटे.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘मैंने हाथरस की घटना के बारे में देखा. पहले तो मुझे लगा कि मैं ना बोलूं क्योंकि आप इस संबंध में ठीक ही कार्रवाई कर रहे होंगे. किन्तु जिस प्रकार से पुलिस ने गांव की एवं पीड़ित परिवार की घेराबंदी की है, उसके कितने भी तर्क हों, लेकिन इससे विभिन्न आशंकायें जन्मती हैं.’ हाथरस के एक गांव में 14 सितंबर को चार लोगों ने 19 वर्षीय दलित लड़की का कथित तौर पर बलात्कार किया था. मंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पीड़ित की मौत हो गई.

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