परीक्षा के दस दिन पहले लगी थी बंदूक की गोली, दर्द सहकर दसवीं में पाए 95 प्रतिशत अंक

Bhopal : मन में लगन हो तो पढ़ाई में विपरीत हालात आड़े नहीं आती। MP में 10वीं की मैरिट लिस्ट में शामिल बच्चों की कहानी यह बात साबित भी करती है। एसी ही एक कहानी है रीवा की रहने वाली शिवी की, जिसने तो गोलियों के छर्रों का दर्द भुलाकर 10वीं बोर्ड परीक्षा में प्रदेश की मैरिट लिस्ट में अपना नाम दर्ज कर दिया।

शिवी गुप्ता अपनी 10वीं की तैयारी कर रही थी, परीक्षा से 10 दिन पहले ही शिवी के सिर से पांव तक गोली के 22 छर्रे लग गए। गोलियां घर के सामने से निकल रही बारात को देखने के दौरान लगी, उसके बाद 7 दिन अस्पताल में रहकर जीवन की जंग जीती। डॉक्टर्स शिवी के बॉडी से सिर्फ 2 छर्रे ही निकाल सके बाकी छर्रों को निकलाने के लिये सर्जरी की बात कही।

हर्ष फायरिंग में लगी गोली

रीवा के डभौरा कस्बे से लगे मझियारी में 20 Feb को एक शादी समारोह था। बारात शिवी के घर के सामने से गुजर रही थी। वह परिवार के सदस्यों के साथ बालकनी से बारातियों के नाच देखने के लिए आ गई। इसी बिच हर्ष फायरिंग हो गई, गोली सीधे शिवी को आकर लगी जिससे उसके शरीर में 22 छर्रे धस गये। हादसा के बाद तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया जहां शिवी की जीवन तो बच गई पर गोली के 22 टुकड़ों में से केवल दो ही निकल सके, गोली के 20 टुकड़े आज भी शिवी के शरीर में हैं।
शिवी के परिवार का कहना है कि उसके बॉडी में अब भी 20 छर्रे हैं। पिता शेषमणि बताते हैं कि डॉक्टरों ने हॉस्पिटल से छुट्टी देते हुए कहा था कि सर्जरी करनी पड़ेगी।

दर्द सहा पर नहीं टूटा हौसला

इतना दर्द सहने के बावजूद 10वीं की परीक्षा में बैठी शिवी 95.5% अंक से पास हुई। शिवी का सपना डॉक्टर बनने का है, वह डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहती है।

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