आज से महादेव का माह सावन शुरू, इन सामग्री से करें भगवान शिव की पूजा।

आज 06 July दिन सोमवार महादेव का माह है। आज से महादेव का माह सावन शुरू हो गया है। इस बार सावन महीने की शुरुवात ही सोमवार के दिन से हुआ है, सोमवार भगवान शिव का प्यारा दिन माना जाता है,आज शिव भक्त पहली सावन सोमवार का व्रत रख कर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। सावन महीने की शुरुआत और समाप्ति दोनों ही सोमवार के दिन हो रहा है|सावन भगवान शिव की उपासना का महीना माना जाता है। जो आज से शुरू हो गया है, श्रावण मास के सोमवार बहुत ही सौभाग्यशाली माने जाते हैं। मान्यता है कि सावन सोमवार की व्रत रखने से सभी तरह की मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। आइए जानते हैं श्रावण सोमवार व्रत की पूजा विधि, कथा, मुहूर्त और मंत्र…

सावन के महीने में क्या नहीं खाना चाहिए

आज से सावन महीना शुरू हो गया, सावन माह में कई चीजें नहीं खाई जाती है, ये तो सभी जानतें हैं कि सावन में हरे रंग का बहुत ही महत्व होता है। सावन में हरे पत्तेदार सब्जियां खाने को मना किया गया है।

– सावन के महीने में कच्चा दूध नहीं पीना चाहिए

– सावन में मांस मछली खाने से बचना चाहिए

– इसी तरह से लहसुन और प्‍याज का सेवन से परहेज करना चाहिए

– सावन में दही नहीं खाना चाहिए

– सावन के इस पावन महीने में कढ़ी नहीं खानी चाहिए

आज भी कर सकते है दर्शन

आज से सावन का महीना शुरू हो गया है। आज सावन मास की पहली सोमवारी भी है, सावन महीने के पहली सोमवारी को उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की जा रही हैं। आप भी महाकालेश्वर का दर्शन कर सकते है.

इन सामग्री से करें भगवान शिव की पूजा

भगवान शिवजी की पूजा में गंगाजल का उपयोग जरूर करें. शिवजी की पूजा के समय शिवलिंग, माता पार्वती, कार्तिकेयजी, गणेशजी एवं, उनके वाहन नन्दी की संयुक्त रूप से पूजा की जानी चाहिए. शिवजी की पूजा में लगने वाली सामग्री में जल, दूध, दही, चीनी, घी, शहद, पंचामृत, कलावा, वस्त्र, जनेऊ, चन्दन, रोली, चावल, फूल, बिल्वपत्र, दूर्वा, फल, विजिया, आक, धूतूरा, कमल−गट्टा, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, पंचमेवा, भांग, धूप, दीप का इस्तेमाल करें.

इस विधि से करें पूरे सावन पूजा

– रोज सुबह जल्दी उठें और स्नान के बाद शिवलिंग पर जल चढ़ाएं. पंचामृत से अभिषेक करें.

– मंत्र ऊँ नम: शिवाय, ऊँ महेश्वराय नम:, ऊँ सांब सदाशिवाय नम:, ऊँ रुद्राय नम: आदि मंत्रों का जाप करें.

– चंदन, फूल, प्रसाद चढ़ाएं. धूप और दीप जलाएं. शिवजी को बिल्वपत्र, धतूरा, चावल अर्पित करें.

– भगवान को प्रसाद के रूप में फल या दूध से बनी मिठाई अर्पित करें. धूप, दीप, कर्पूर जलाकर आरती करें.

– शिवजी का ध्यान करते हुए आधी परिक्रमा करें. भक्तों को प्रसाद वितरित करें.

सावन में शिवलिंग पर क्यों चढ़ाते हैं दूध

सावन महीने में लगातार वर्षा होती है , इस वजह कई तरह के छोटे-छोटे जीवों की उत्पत्ति होती है, कई प्रकार की विषैली नई घास एवं वनस्पतियां जन्म लेती हैं, जब दूध देने वाले पशु इन घासों को और वनस्तपतियों को खाते हैं तो पशुओं का दूध ही विष के सामान हो जाता है। ऐसा कच्चा दूध पीने से हमारे स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है, इसीलिए इस महीने में कच्चे दूध के सेवन से बचना चाहिए, शिवजी ने विषपान किया था, इस वजह सावन महीने में शिवलिंग का दूध से अभिषेक किया जाता है।

सावन महीने में पड़ने वाली प्रमुख तिथियां

इस महीने में गणेश चतुर्थी व्रत 8 July को, कामिका एकादशी 16 को, हरियाली अमावस्या 20 को, हरियाली तीज 23 को, विनायकी चतुर्थी व्रत 24 को, नाग पंचमी 25 को, पुत्रदा एकादशी 30 को और रक्षा बंधन 3 Aug को मनाया जाएगा। तीज पर देवी पार्वती, चतुर्थी पर गणेशजी, पंचमी पर नागदेवता, एकादशी पर विष्णुजी, अमावस्या पर पितर देवता और पूर्णिमा पर चंद्रदेव की विशेष पूजा की जाती है।

जानिए आज किन मंत्रों का करना चाहिए जाप

शिव पुराण के अनुसार शिव-शक्ति का संयोग ही परमात्मा है. शिव की जो पराशक्ति है उससे चित्‌ शक्ति प्रकट होती है. चित्‌ शक्ति से आनंद शक्ति का प्रादुर्भाव होता है, आनंद शक्ति से इच्छाशक्ति का उद्भव हुआ है. ऐसे आनंद की अनुभूति दिलाने वाले भगवान भोलेनाथ का श्रावण मास में इन सभी मंत्रों का जाप करने से सभी प्रकार की समस्याएं दूर हो जाती है…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *