कुदरत के कहर से दहल गए तुर्की और ग्रीस, 22 की मौत, डिप्टी मेयर बोले- ऐसा पहले कभी नहीं देखा

New Delhi : ग्रीस और तुर्की (Turkey and Greece) में शुक्रवार को 7.0 तीव्रता के भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए, जिसके बाद कई बिल्डिंग क्षतिग्रस्त हो गए. भूकंप का केंद्र तुर्की के इजमिर शहर से 17 किलोमीटर दूर था और अब तक यहां 14 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं.

सूनामी का अलर्ट जारी
इजमिर शहर में इमारतों के ढहने के बाद सड़कों पर मलबे का ढेर जमा हो गया है और यहां मंजर काफी भयावह है. लेकिन मुश्किल ये है की तुर्की और ग्रीस में तेज भूकंप के बाद अब सुनामी (Tsunami) का खतरा है, जिसके लिए अलर्ट जारी किया गया है.

रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.0 मापी गई. इस्तांबुल स्थित कांडिली वेधशाला एवं भूकंप अनुसंधान संस्थान के निदेशक हलूक ओजेनर ने कहा कि इजमिर जिले के सेफेरिसार में छोटी सुनामी भी आई है. भूकंप के बाद ग्रीक प्रधानमंत्री क्यारीकोस मित्सोतकिस ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन को अपनी संवेदना और समर्थन देने के लिए फोन पर बात की. दोनों के बीच प्रतिद्वंदिता भी किसी से छुपी नहीं है.

तुर्की में भूकंप के चलते 20 लोगों की मौत हुई है और 800 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. ग्रीस में 2 किशोरों की मौत हुई है और दर्जनों घायल हुए हैं. सामोस में दोनों किशोर स्कूल से घर लौट रहे थे, इसी दौरान दीवार की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई. डिप्टी मेयर गियोरगोस दियोन्यूसियो ने कहा, ‘ये भयानक था. हमने पहले कभी इस तरह का अनुभव नहीं किया.’

32 साल के कूरियर बॉय गोखान कन ने कहा, ‘मैंने सोचा, क्या ये हमारा अंत है. भूकंप करीब 10 मिनट तक महसूस हुआ. ऐसा लग रहा था मानो ये कभी खत्म नहीं होगा. उस समय मैं डरा हुआ था, अपने लिए नहीं बल्कि अपने परिवार के लिए, अपनी पत्नी और चार साल के बेटे के लिए.’

तुर्की के आपदा एवं आपातकालीन प्रबंधन विभाग ने बताया कि तुर्की के तीसरे सबसे बड़े शहर इजमिर में 6 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है जबकि करीब सैकड़ों लोग घायल हुए हैं. इजमिर के गवर्नर यावूज सलीम कोसगर ने कहा कि भूकंप की वजह से कई इमारतें गिर गईं. मलबे से 100 से ज्यादा लोगों को बाहर निकाला गया. उन्होंने कहा कि चार इमारतें ध्वस्त हो चुकी हैं. इसके अलावा कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं.

प्रबंधन विभाग ने बताया कि राहत कार्य जारी हैं. मलबे में दबे लोगों के होने की आशंका के चलते युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है. विभाग ने बताया कि भूकंप का केंद्र एजियन सागर में 16.5 किलोमीटर नीचे था. वहीं यूनानी मीडिया ने कहा कि भूकंप के दौरान सामोस और अन्य प्रायद्वीपों के निवासी अपने-अपने घरों से बाहर निकलकर भागे. इसके अलावा वहां चट्टान गिरने की खबर भी मिल रही है.

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