केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का दिल्ली में 74 साल की उम्र में निधन, बिहार में शोक की लहर

पटना: केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान का निधन हो गया. रामविलास पासवान कई दिनों से बीमार चल रहे थे. लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी. चिराग पासवान ने अपने ट्वीट में इमोशनल पोस्ट लिखा, पापा, अब आप इस दुनिया में नहीं हैं. लेकिन, मुझे पता है आप जहां भी हैं हमेशा मेरे साथ हैं.

राजनीति की नब्ज पकड़ने वाले रामविलास पासवान पहली बार1969 में एक आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र से संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के सदस्य के रूप में बिहार विधानसभा पहुंचे थे। 1974 में राज नारायण और जेपी के प्रबल अनुयायी के रूप में लोकदल के महासचिव बने थे। वे व्यक्तिगत रूप से राज नारायण, कर्पूरी ठाकुर और सत्येंद्र नारायण सिन्हा जैसे आपातकाल के प्रमुख नेताओं के करीबी रहे हैं।

लगभग पांच दशक तक बिहार और देश की राजनीति में छाये रहे
1946 में बिहार के खगड़िया में जन्मे रामविलास पासवान ने एक छोटे से इलाके से निकलकर दिल्ली की सत्ता तक का सफर अपने संघर्ष के बूते तय किया। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। लगभग पांच दशक तक वो बिहार और देश की राजनीति में छाये रहे।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने लालू प्रसाद यादव ने रामविलास पासवान को ‘मौसम वैज्ञानिक’ का नाम दिया था। रामविलास पासवान हवा के रुख के साथ राजनीति के अपने फैसले बदलने में माहिर थे। इसमें वो कामयाब भी रहे। इसी का नतीजा रहा कि उन्होंने छह प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया।

 

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