बिना वॉरंट तलाशी, तुरंत अरेस्ट…क्या है मकस, कैसे होगी यूपी की नई स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स में भर्ती

लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने स्‍पेशल सिक्यॉरिटी फोर्स नाम के एक विशेष पुलिस बल का गठन किया है। बताया जा रहा है कि यह सीएम योगी आदित्‍यनाथ का ड्रीम प्रॉजेक्ट है। इस विशेष फोर्स पर औद्योगिक प्रतिष्ठानों, प्रमुख स्थलों, हवाई अड्डों, मेट्रो और खासकर कोर्ट समेत अन्य स्थानों की सुरक्षा की जिम्‍मेदारी होगी। इसके पास बिना वॉरंट तलाशी लेने और गिरफ्तारी करने का अधिकार होगा। इस फोर्स की अगुआई एडीजी स्तर का अधिकारी करेगा। पिछले कुछ वर्षों विशेषकर दिसंबर 2019 में हुई कुछ घटनाएं इस फोर्स के गठन के पीछे जिम्‍मेदार मानी जा सकती हैं।

बिजनौर में कोर्ट में घुसकर हुई थी हत्‍या
साल 2019 में 17 दिसंबर को यूपी के बिजनौर में तीन हमलावर चीफ जुडिशल मैजिस्‍ट्रेट की कोर्ट में घुस आए और उन्‍होंने वहां गोलियां बरसाकर मर्डर के आरोपी को मौत के घाट उतार दिया। इस हमले में दो पुलिसवाले और कोर्ट का एक कर्मचारी घायल हो गए।

हाई कोर्ट ने जताई थी नाराजगी
इन सभी घटनाओं और दिसंबर 2019 में बिजनौर में हुए हमलों के मद्देनजर यूपी की इलाहाबाद हाई कोर्ट की दो जजों की बेंच ने नाराजगी जताते हुए इसे यूपी पुलिस की निष्क्रियता बताया था। साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगर राज्‍य सुरक्षाबल कोर्ट को सुरक्षा देने में सक्षम नहीं है तो केंद्रीय सुरक्षाबलों को तैनात किया जाए। इसके बाद ही इस स्‍पेशल फोर्स के गठन का प्रस्‍ताव लाया गया।

स्‍पेशल सिक्यॉरिटी फोर्स को वॉरंट की जरूरत नहीं
प्रस्‍तावित स्‍पेशल सिक्यॉरिटी फोर्स (एसएसएफ) किसी भी ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकेगा जो उसे प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के दौरान कर्तव्यों का पालन करने से रोकता है, वहां हमला करने, हमला करने की धमकी देने, आपराधिक बल का प्रयोग करने की कोशिश करता है। इसके लिए बल के सदस्यों को किसी मैजिस्ट्रेट के वॉरंट की जरूरत नहीं होगी। संदेह के आधार पर बिना वॉरंट तलाशी भी ली जा सकेगी। हालांकि गिरफ्तारी के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी देनी होगी और गिरफ्तार व्यक्ति को थाने के हवाले करना होगा।

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड करेगा सलेक्शन :

इस बल के शुरुआत में पीएसी से पांच बटालियनों का गठन किया जाएगा। इसमें सीधी भर्ती का अधिकार उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड को दिया गया है। गृह विभाग के अनुसार शुरुआत में बल में 9919 जवान होंगे। इन पर एक वर्ष में 1747 करोड़ रुपये खर्च होना का अनुमान लगाया गया है।

फोर्स के खिलाफ संज्ञान लेने के लिए भी सरकारी मंजूरी
बल का प्रत्येक सदस्य हमेशा ऑन ड्यूटी माना जाएगा और उसे प्रदेश में कहीं भी तैनाती दी जा सकती है। इस बल के किसी सदस्य द्वारा ड्यूटी के दौरान किया जाने वाले किसी भी कार्य को लेकर कोर्ट बिना सरकार की मंजूरी के उसके खिलाफ अपराध का संज्ञान नहीं ले पाएगा।

एक साल में खर्च होंगे 1747 करोड़ रुपये
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने कहा कि इस विशेष सुरक्षा बल में 9,919 कर्मी होंगे। शुरुआत में इसकी 5 बटालियन होंगी, जिस पर एक साल में 1747 करोड़ रुपये खर्च होगा। पीएसी का इंफ्रास्ट्रक्चर भी इसमें शेयर किया जाएगा।

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